Me Shayeri Q Likhti Hoon Ye Mujhe Nahi Pata,Magar Shayeri K Maadyam Se Me Aap Sabhi Ko Kuch Mehsus Kerana Chahti Hoon,Jaise Prem - Pira - Pehchaan Or Parichay,Jab Tanhai Me Apne Under Ki Aatmaa Ko Mehsus Karti Hoon,Tab Anubhurtiyaan Ek Dard Sa Man Hi Man Me Sisakta Rehta Hai,Jise Maine Apne Dill Se Anubhurti Kar Shayeri K Maadhyam Se Kavita K Zariye Logon Tak Pahunchaane Ki Koshish Ki Hai,Shayeri Likhna Koi Mazaak Nahi,Dill Se Shayeri Likhte Waqt Aansu Aa Jaate Hai...
~ ~ Sadah Bahar ~ ~
free counters

Vote This Page

Thursday, 21 June 2012

I Will Wait For You / में तुम्हारा इंतज़ार करुँगी


I Will Stay Here For You ,
 I Will Wait For You Forever ,
 Just Like I Told You ,
 Can't Tell How Long ,
 Sadah Can't Die ,
 Sadah Will Remain ,
 Forever For You ,
 I Live or You Live , 
 You Will Always ,
 Remember Me ,
 I Shall Be Waiting For ,
 You For Longer Time ,
 I Will Never Be Angry With You ,
 While Comming Don't Forget ,
 To Bring A Gift For Me Of Your Choice ,
 I Hope That One Day ,
 Both Of Us Will Be One Forever ,
 Take Care Of Yourself ,
 Wherever You Are ,
 May God Bless You ,
 I Will Never Disturb You ,
 Do Your Work With Honesty ,
 I Will Wait For You Forever ,
 I ' am Missing You My Dear !

 ==========================

 में यही रहूंगी तुम्हारे लिए ,
 में तुम्हारे लिए सदा इंतज़ार करुँगी ,
 ठीक वैसे ही जैसे मैंने तुम्हे कहा ,
 बता नहीं सकती कितने देर तक ,
 सदा कभी मर नहीं सकती ,
 हमेशा रहेगी सदा तुम्हारे पास ,
 में रहूँ या न रहूँ ,
 मेरी याद सदा तुम्हारे साथ रहेगी ,
 में तुम्हारे लिए सदा ,
 इंतज़ार करुँगी लम्बे समय तक ,
 में तुमसे कभी गुस्सा नहीं करुँगी ,
 आते वक़्त मेरे लिए अपने पसंद का ,
 गिफ्ट लाना मत भूलना ,
 में यही आशा करती हूँ की एक दिन ,
 हम दोनों एक हो जायेंगे हमेशा के लिए , 
 तुम जहा भी हो अपना ख्याल रखना ,
 भगवान् तुम्हे आशीर्वाद दें ,
 में तुमको कभी परेशान नहीं करुँगी ,
 अपना काम पुरे इमानदारी से करना ,
 में तुम्हारे लिए सदा इंतज़ार करुँगी ,
 मेरे प्रिय में तुम्हे बहुत याद कर रही हूँ !

 ~ ~ सदा बहार ~ ~

Unlucky


Some People Are Really Lucky ,
Even After Hurting Some One ,
They Get The Proper Love. 
&  
Some People Are Really Unlucky ,
Even After Loving Someone Truly , They Only Get Hurt.
Its Really Strange ,
But Very True.!!

~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

बेवफा दोस्त / Unfaithful Friend


 इलज़ाम दिया था तुमने हमको बेवफाई का ,
 मौका मिला है आज हमको अपनी सफाई का ,
 अरे ओ बेवफा , याद आये तेरा तो हम रो पड़े ,
 पर चलो तुम्हारे याद ने ये तो सिखा दिया ,
 की बेवफाई हमने नहीं तुमने किया था ,
 अगर बेवफा हम होते दोस्त , 
 तो यूँ न तेरे याद में रोते इस तरह ,
 बेवफाई का हद पार कर दिया तुने ,
 कभी न था तेरे अन्दर में वफ़ा का झलक ,
 बेवफा निकलेगा तू ये कभी न सोचा था ,
 किसी और के कारण तुमने मुझे धोखा दिया है ,
 जाते जाते इतना तो बता जाओ की तुमने मुझसे बेवफाई क्यूँ किया ,
 ऐसी क्या कमी थी मुझमे ?

 ==========================​

 You Had Given Me ,
Allegation Of Infidelity ,
 Today I Have Got A Chance Of Defending Myself , 
 Hey Unfaithful , 
When I Missed You , 
I Had Shed A Tear ,
 But Missing You Has Taught Me ,
 That Infidelity Was Done By You ,
Not Me , 
 If I Was Unfaithful ,
 Then I Had Not Wept My Tear , 
Like This Missing You ,
 You Have Crossed ,
The Limit Of Infidelity ,
 You Never Had ,
The Glimpse Of Dedication ,
 I Had Never Expected ,
You As Unfaithful ,
 Because Of Somebody Else ,
You Have Betrayed Me ,
 While Going Tell Me That ,
Why Have U Betrayed Me ,
 what lack did i have in myself ?

 ~ ~ Sadah Bahar ~ ~

तेरे याद में रोया


कल रात तेरे याद में ,
तेरे ही तस्वीर को सीने से लगाकर खूब रोया ,
 अपने ख़्वाबों में तुझे पास बुलाकर रोया ,
 हज़ारों बार तेरा नाम ले लेकर रोया ,
 अपने ख़्वाबों में तुझे पास बुलाकर रोया ,
 हज़ारों बार तेरा नाम ले लेकर रोया ,
 कई बार अपना सर पटक कर रोया ,
 न जाने क्यूँ इतना रोना आये तेरे याद मैं ?
 हर बार तुझे पास न पाकर अपने किस्मत पे रोया ।

 ~ ~ सदा बहार ~ ~ 

खुशियों का पैगाम लिख दूँ


ऐ ज़िन्दगी ! 
वक्त की हथेलियों पर ,
हर किसी के खुशियों का ऐसा पैगाम लिख दूँ ,
जो खुशियाँ गम और तन्हाई में डूब गई हो ,
मैं उन खुशियों को वापस मिला दूँ ,
खुदा से इतना दुआँ करूँ की गम ,
और जुदाई हर किसी के ज़िन्दगी से ,
सदा सदा के लिए मिटा दूँ ,
ख़ुशी से हैं जो महरूम ,
हर इक ख़ुशी उन सभी के नाम लिख दूँ ,
मुस्कराती हुई हर सुबह ,
खिलखिलाती हुई हर शाम लिख दूँ ,
हर किसी के ज़िन्दगी से तन्हाई ,
और जुदाई मिटाकर खुशियों का ऐसा पैगाम लिख दूँ ।

~ ~ सदा बहार ~ ~

उसने धोखा दे दिया


 क्या कसूर था मेरा , 
क्यूँ सजा दिया उसने ,
 सोई थी आस लागाके , 
उसने क्यों जगा दिया ,

 कहने को तो कुछ न था, 
सोहबत नसीब थी मेरी ,
 जब साथ रहने को चाहा ,
तब तनहा क्यों छोड़ दिया उसने ,

 जो ढूँढती निगाहें बहार के चमन को , 
उसने क्यों उजड़ा उस चमन को ,
 सूखे हुए गुलाब जैसे मुझको चिढ़ा दिया उसने ,

 मुझे चाहत की समझ न थी , 
उसने मुझे समझाया क्यों न था ,
 चाहत जगी थी जब तन मन में , 
मेरे किस्मत ने ही मुझे दगा दे दिया ,

 मझधार में मुझे छोड़कर , 
पतझड़ का बहार दिखा दिया उसने ,
 अब जाऊँगी किधर में , 
उसने धोखा दे दिया मुझे ।

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

उदास


 कोई भी नहीं देखा मुझे निगाह भर के ,
 आज का दिन भी गया मुझे उदास कर के , 
 चाहा था दो घडी बात कर लूँ किसी से ,
 अपने दिल के दर्द का राज़ बता दूं किसी को ,
 "मेरे जज्बात को मत देखिये जख्मों का जखीरा है यहाँ ,
 मेरे चेहरे में सिमटी है रिश्तों की हकीकत सारी " ।

 ~ ~ सदा बहार ~ ~ 

ख्वाब


 हर किसी को नींद में ख्वाब सजाना आता है ,
 पर हमने तो हकीकत में सदा बहारों ,

 का ख्वाब आप सभी मित्रों के लिए सजाकर लाये है फेसबुक पर ,
 आप सभी का स्वागत है !!

 ~ ~ सदा बहार ~ ~ 

तुम्हारे चहरे


 एक प्रेम कथा ! मेरी और तुम्हारी !
 जब हुई तुमसे मुलाकात !
 तब से ये दिल फ़िदा हो गया !
 कब से तुम्हारी एक झलक पाने के लिए !
 दिल बेकरार हो गया है मेरा ! 
 तुम्हारे चहरे में ऐसा क्या जादू है ! 

 जो हर समय मेरा दिल बेकरार हो जाता है !
 तुमसे मिलने को ?
 नजरो से नजरें मिलजाना चाहती हैं !
 बढ़ा देती है मेरी हर धड़कन !
 तुझसे हूँ में या मुझसे है तू !

 कुछ भी पता नहीं चलता !
 लगता है यु ही तू मेरे पास है !
 ये सपनें हकीकत सा लगने लगता है !
 जैसे तुम हो मेरे पास !
 हांथों में हाथ लिए बैठे है हम साथ साथ !

 मेरे होंठ थरथराने लगती है !
 खामोश रहे जाती है मेरे आँखें !
 ऐसा लगता है जैसे किसीने मेरे होंठ सिल दिया है !
 कैसे हो गई है ये प्रेम की भाषा हम दोनों का जनम जनम का नाता !
 और सात जनम की प्रेम कथा !

 जिसका कोई नहीं है शब्दकोष और परी भाषा !
 बिन बोले ही हो गए हम एक दूजे के लिए !
 जैसे हो जाये कोई जादुई चमत्कार !
 तुम्हारे आंखो में बे बसी होंटों में मुस्कराहट !
 ये सुन्दर मंजर बना है अभी अभी !

 ~ ~ सदा बहार ~ ~ 

तन्हाई


 इस कदर उनसे मेरी इश्क हुई थी , 
 मेरे इश्क़ मे इतनी सचाई थी , 
 आंसमां झुक जाए इतनी गहराई थी ,
 फिर भी खुदा को मंज़ूर ना था ये इश्क़ मेरा ,
 क्यूँकि नसीब मे ही मेरी तन्हाई लिखी थी ,
 आज भी इस कदर तनहा बेठी हूँ में उनके यादों में ।

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Thursday, 14 June 2012

Intelligent Man And Woman

As We Know Its A Computer Century 

So , A Woman Has To Be Intelligent , 

Have Charm , 

A Sense Of Humor , 

And Be Kind. 

A Man Should Have ,

The Same Qualities , 

Which Makes A Perfect ,

Computer Made Human Being , 

Well Educated To Be Married ,

And Succeed In Life , 

And Also Makes The Life Time Perfect !



~ ~ Sadah Bahar ~ ~

सचाई

बिना दिल के प्यार नहीं मिलता ,


बिना सचाई के भरोसा नहीं मिलता ,



कुछ तो अच्छाई हम में ज़रूर होगी ,



वरना आप जैसा दोस्त हमें कभी नहीं मिलता ।




~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Good Night

When The Night Comes , 

Look At The Sky. 

If You See A Falling Star ,

Don't Wonder Why , 

Just Make A Wish , 

Trust Me , 

It Will Come True, 

Because I Did It And I Found You.


~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

चिल्लू , बिल्लू बनाम उल्लू

एक रहें चिल्लू , 


एक रहें बिल्लू ,



चिल्लू ११ में पढ़ात रहें ,



बिल्लू १२ में पढ़ात रहें ,



और एक हमर दोस्त रहें उल्लू ,



उ का करत रहें ,



उ दुनो के संग दांत निकाल के हसत रहें अईसे :D 




~ ~ सदा बहार ~ ~ 

रात का अँधेरा


रात का अँधेरा कुछ कहना चाहता है ,

ये चाँद चांदनी 
के 
साथ रहना चाहता है ,

हम तो तनहा ही खुश थे ,

मगर पता नहीं क्यों यह दिल ,

अब किसी के साथ रहना 
चाहता है ।


~ ~ सदा बहार ~ ~ 

ईन्कार


दूर ही सही मगर तुझसे प्यार तो है ,

तेरे ईन्कार के बाद भी इंतज़ार तो है ,

अगर आसान होता भूलना, तो भूल जाती ,

पर आज भी ये दिल बेक़रार तो है |


~ ~ सदा बहार ~ ~ 

तड़पना

प्यार कर के भुलाना न आया हमें ,



किसी के दिल को मनाना न आया हमें ,


किसी के लिए तड़प न तो सीख लिया हमनें , 




पर हमारे लिए उनको तडपना न आया कभी ।





~ ~ सदा बहार ~ ~ 

Tuesday, 5 June 2012

सदा बहार दोस्ती


फूलों सी नाजुक चीज है दोस्ती ,
सुर्ख गुलाब की महक है दोस्ती ,
सदा बहार खिल खिलाने वाला पल है दोस्ती ,

दुखों के सागर में एक कश्ती है दोस्ती ,
काँटों के दामन में महकता फूल है दोस्ती ,
जिंदगी भर साथ निभाने वाला रिश्ता है दोस्ती ,
रिश्तों की नाजुकता समझाती है दोस्ती ,
रिश्तों में विश्वास दिलाती है दोस्ती ,
तन्हाई में सहारा देती है दोस्ती ,
मझधार में किनारा है दोस्ती ,
जिंदगी भर जीवन में महकती है दोस्ती ,
किसी - किसी के नसीब में ,
सदा बहार के तरह आती है  दोस्ती ,
हर खुशी हर गम का सहारा है दोस्ती ,
हर आँख में बसने वाला सदा बहार नजारा है दोस्ती 
।


~ ~ सदा बहार ~ ~

आँखें


जब खुदा ने मुझको बनाया होगा ,

कोई अनोखा जाम तो उसने भी ,

मेरे आँखों में लगाया होगा ,


ऐसे ही नशीली नहीं मेरी आँखें ,

ज़रूर ऐसा ही कोई चमत्कार ,

आपके खूबसूरत आँखों में भी आया होगा ।


~ ~ सदा बहार ~ ~ 

I Miss You Dear friends


Colorful Ceremony Seemed ,

Colorless For Me And Sweet ,

Music Of Festival Became dull ,

And Solemn In Your Absence ,


Missing You Very Much.


~ ~ Sadah Bahar ~ ~ 

उम्र भर बदनाम हुई हूँ में

कौन जाने किस घड़ी के मौत का मेहमान हूँ में 

या तेरे हाथों से बक्शी मौत का सामान हूँ में !

लाखो समझाया मैंने आपको , 


मेरे जख्मे - ए - दिलरुबा ,

तु फिर भी कहते रहा सदा ,


तेरी सूरत मेरे सूरत से अंजान 

नहीं ! 


तेरी जफा को यारा,


अपनी ही जफा समझा मैंने !


अपने ही मचलते दिल का ,


तू तो बस मेरी अरमान है 


हम तेरे बताएं रास्ते पर ,


कुछ दुर चलते रहे यूँ ही !


अब ना जाने क्यूँ बेमुरब्बत,


बेबफा बदनाम हुई हूँ में !


अपनी ख़ुशी भी हो गई ,


तेरे गमों मै जब शरीफ !


तब से ही तेरी जफा का ,

अध् लिखा दीवानि हूँ में !


देख ले " ज़िन्दगी तू ,


हालत - ऐ - दिल ,


देख ले सदा की ,


तेरे आईने में,खुद को देखकर मै ,

खुद से अब हैरान हूँ !


अब उम्र भर बदनाम हुई हूँ में ना जाने क्यों !



~ ~ सदा बहार ~ ~ 

ये लम्हें

लम्हें ये सुहाने साथ हो न हो ,

कल मे आज जैसी कोई बात हो न हो ,

आपकी दोस्ती हमेशा इस दिल मे रहेगी ,

चाहे कभी आप से मुलाक़ात हो न हो !

~ ~ सदा बहार ~ ~ 

सदा बहार

दोस्तों वक़्त अपनी रफ़्तार से चलता जायेगा ,

जिंदिगी को एक अलग मुकाम पर ले जाना है ,

यूँ तो कमी न होगी सदा की मगर ,

आप सभी दोस्तों के सदा बहार की जगह ,

कोई नहीं ले पायेगा ।


~ ~ सदा बहार ~ ~ 

अश्क

राहों पे चलते चलते ,

मिले थे आप जिस मुसाफिर से ,

निगाहों के रास्तों से जिसे दिल में बसाया था आपने ,

अश्कों के बहाने में क्यू ,

उतार दिया आपने उसे अपने दिल से ?

और क्यू डर रहे है आप अपने दिल के ,

मोती का बहे जाने पर , 


अश्क न बहाते तो ये दिल न गवाते !!



~ ~ सदा बहार ~ ~

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...